बांग्लादेश चुनावः शेख हसीना की एकतरफ़ा जीत, विपक्ष को केवल सात सीटें
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने लगातार तीसरी बार आम चुनावों में जीत दर्ज की है.
हसीना की सत्तारुढ़ पार्टी आवामी लीग ने 350 संसदीय सीटों में से 281 पर जीत दर्ज की है और उन्होंने पिछले चुनावों से अधिक सीटें जीती हैं.
वहीं, बांग्लादेश के विपक्षी दलों ने रविवार को हुए आम चुनावों की निंदा की है और इसे 'हास्यास्पद' बताया है. विपक्षी दलों ने फिर से मतदान कराने की मांग की है. विपक्ष ने कुल सात सीटों पर जीत दर्ज की है.
आम चुनावों में भारी धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं. बीबीसी के एक संवाददाता ने भी एक मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने से पहले ही भरी हुई मतपेटियों को देखा था.
विपक्षी नेता कमाल हुसैन ने कहा, "हम चुनाव आयोग से गुज़ारिश करते हैं कि इन हास्यास्पद नतीजों को अमान्य कर दें. हम मांग कर रहे हैं कि जितनी जल्दी संभव हो, एक निष्पक्ष सरकार की देखरेख में फिर से चुनाव कराए जाएं."
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उसने देशभर में फर्ज़ी मतदान के आरोपों के बारे में सुना है और वो इसकी जाँच कराएगा.
ख़बरों के मुताबिक़, रविवार को हुए मतदान में सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों के बीच हिंसक झड़पों में 17 लोगों की मौत हुई है.
शेख़ हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी आवामी लीग साल 2008 से बांग्लादेश में शासन कर रही है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी लगातार उस पर फर्ज़ी मतदान के बल पर जीतने के आरोप लगाती रही है.
जैसे ही रविवार को मतदान शुरू हुआ, बीबीसी के एक संवाददाता ने वहाँ के चटगांव के एक मतदान केंद्र पर चुनाव मतपत्रों से भरी मतपेटियां देखी. हालाँकि पीठासीन अधिकारी ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
बांग्लादेश के इस दूसरे सबसे बड़े शहर के कई मतदान केंद्रों पर सिर्फ़ सत्तारूढ़ पार्टी के चुनाव एजेंट ही पूरे समय मौजूद रहे. मतदान प्रक्रिया ख़त्म होने से पहले ही मुख्य विपक्षी गठबंधन के कम से कम 28 उम्मीदवार ये कहते हुए मतदान केंद्रों से चले गए थे कि वहाँ गड़बड़ियां हो रही हैं.
चुनाव पर्यवेक्षकों और विपक्षी दलों ने पहले ही आशंका जता दी थी कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे, लेकिन सत्तारूढ़ दल का कहना है कि विपक्षी झूठे आरोप लगा रहा है.
शेख़ हसीना ने शुक्रवार को बीबीसी से कहा था, "एक तरफ वे हम पर आरोप लगा रहे हैं और दूसरी तरफ़ हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमला कर रहे हैं."
हसीना की सत्तारुढ़ पार्टी आवामी लीग ने 350 संसदीय सीटों में से 281 पर जीत दर्ज की है और उन्होंने पिछले चुनावों से अधिक सीटें जीती हैं.
वहीं, बांग्लादेश के विपक्षी दलों ने रविवार को हुए आम चुनावों की निंदा की है और इसे 'हास्यास्पद' बताया है. विपक्षी दलों ने फिर से मतदान कराने की मांग की है. विपक्ष ने कुल सात सीटों पर जीत दर्ज की है.
आम चुनावों में भारी धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं. बीबीसी के एक संवाददाता ने भी एक मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने से पहले ही भरी हुई मतपेटियों को देखा था.
विपक्षी नेता कमाल हुसैन ने कहा, "हम चुनाव आयोग से गुज़ारिश करते हैं कि इन हास्यास्पद नतीजों को अमान्य कर दें. हम मांग कर रहे हैं कि जितनी जल्दी संभव हो, एक निष्पक्ष सरकार की देखरेख में फिर से चुनाव कराए जाएं."
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उसने देशभर में फर्ज़ी मतदान के आरोपों के बारे में सुना है और वो इसकी जाँच कराएगा.
ख़बरों के मुताबिक़, रविवार को हुए मतदान में सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों के बीच हिंसक झड़पों में 17 लोगों की मौत हुई है.
शेख़ हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी आवामी लीग साल 2008 से बांग्लादेश में शासन कर रही है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी लगातार उस पर फर्ज़ी मतदान के बल पर जीतने के आरोप लगाती रही है.
जैसे ही रविवार को मतदान शुरू हुआ, बीबीसी के एक संवाददाता ने वहाँ के चटगांव के एक मतदान केंद्र पर चुनाव मतपत्रों से भरी मतपेटियां देखी. हालाँकि पीठासीन अधिकारी ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
बांग्लादेश के इस दूसरे सबसे बड़े शहर के कई मतदान केंद्रों पर सिर्फ़ सत्तारूढ़ पार्टी के चुनाव एजेंट ही पूरे समय मौजूद रहे. मतदान प्रक्रिया ख़त्म होने से पहले ही मुख्य विपक्षी गठबंधन के कम से कम 28 उम्मीदवार ये कहते हुए मतदान केंद्रों से चले गए थे कि वहाँ गड़बड़ियां हो रही हैं.
चुनाव पर्यवेक्षकों और विपक्षी दलों ने पहले ही आशंका जता दी थी कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे, लेकिन सत्तारूढ़ दल का कहना है कि विपक्षी झूठे आरोप लगा रहा है.
शेख़ हसीना ने शुक्रवार को बीबीसी से कहा था, "एक तरफ वे हम पर आरोप लगा रहे हैं और दूसरी तरफ़ हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमला कर रहे हैं."
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