Christmas Celebrations 2018: ब्रेकअप के बाद नेहा ने यूं मनाया क्र‍िसमस, PHOTOS

स‍िंगर Neha Kakkar बीते द‍िनों बॉयफ्रेंड हिमांश कोहली संग ब्रेकअप के बाद काफी अपसेट नजर आईं. इंड‍ियन आइडल में बतौर जज नेहा कई बार शूट‍िंग के दौरन भी खुद को इमोशनल होने से रोक नहीं सकीं. लेकिन अपने ब्रेकअप पीर‍ियड से बाहर आकर नेहा कक्कड़ खुश‍ियां मनाते नजर आ रही हैं. नेहा ने Christmas सेल‍िब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर कीं. तस्वीरों में रेड कलर की ड्रेस में नेहा कक्कड़ काफी खूबसूरत नजर आ रही हैं.

नेहा ने सेल‍िब्रेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए कैप्शन ल‍िखा, Merry Christmas!!!! 🌲🎁 Happy Holidyassss 💃🏻. Spread Love and Happiness ♥️ नेहा की लेटेस्ट तस्वीरों को देखकर अब लगता है उन्होंने बीते कल को भुलाकर जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है. नेहा ने ब्रेकअप के गम को भुलाने की कोशिश करते हुए ट्विटर पर एक फोटो शेयर की है. प्रशंसकों को फोटो पसंद आ रही है. इस पर खूब लाइक्स और कमेंट्स देखने को मिल रहे हैं.


बता दें कि नेहा 4 साल से ह‍िमांश कोहली के साथ र‍िलेशन पर थीं. लेकिन ब्रेकअप के बाद नेहा, हिमांश के बारे में बात नहीं करना चाहतीं. उन्होंने एक इंटरव्यू में हिमांश के बारे में बात करने से मना कर दिया. सिंगर ने एक्स को पहचानने से भी इंकार किया था.

उन्होंने कहा था, कौन हिमांश? आप किसकी बात कर रहे हैं. मैं किसी हिमांश नाम के इंसान को नहीं जानती. दोनों ने बीते द‍िनों एक म्यूज‍िक वीड‍ियो पर काम किया था. साथ ही नेहा और ह‍िमांश कोहली ने अपने प्यार का इजहार इंड‍ियन आइडल के मंच पर भी किया था.

अखिलेश ने कहा कि फेडरल फ्रंट बनाने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर से मुलाकात करेंगे. मध्य प्रदेश में सपा के जीते इकलौते विधायक को मंत्री न बनाए जाने से अखिलेश नाराज हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस का भी धन्यवाद. एमपी में हमारे एक मात्र विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है ऐसे में अब हमारा रास्ता साफ है.

अखिलेश यादव ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन जरूर होगा. बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि युवा कुम्भ में रोजगार की बात होती तो अच्छा होता. अखिलेश ने कहा कि लखनऊ के लोक भवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाना ठीक है, लेकिन हमारी सरकार आएगी तो हम भी एक मूर्ति लगाएंगे .

केसीआर कांग्रेस को दरकिनार कर अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती के साथ गठबंधन की कवायद में जुटे हैं. अब केसीआर के फेडरल फ्रंट को समर्थन देना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है.

ये कहा जा सकता है कि 1994 की घटनाओं के तार उनके बचपन से ही जुड़ने शुरू हो गए थे. यही वो दौर था जब रवांडा पर बेल्जियम का शासन हुआ और इस ओपनिवेशिक शक्ति ने रवांडा के लोगों को स्पष्ट रूप से बंटे हुए समूहों में बांट दिया. पहचान पत्र जारी करके लोगों को बता दिया गया कि वो हूतू हैं या तुत्सी.

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