गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार ल‍िखवाकर करते थे चोरी, गांठते थे रौब

यूपी में प्रयागराज ज‍िले की घूरपुर पुल‍िस ने रव‍िवार की सुबह इरादतगंज चौराहे पर एक कार रोकी. उसमें मोबाइल चोर गैंग के दो लोग बैठे थे. पुल‍िस ने पूछताछ के बाद दोनों को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया. उनके पास से चोरी के महंगे मोबाइल, टैबलेट और 2 लैपटॉप बरामद हुए. दोनों शात‍िर चोर कार पर उत्तर प्रदेश सरकार ल‍िखवाकर लोगों पर रौब गांठते थे. पुल‍िस ने दोनों के ख‍िलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज द‍िया.

घूरपूर थाना प्रभारी ने बताया क‍ि उन्हें मुखब‍िर से सूचना म‍िली थी क‍ि एक चोरों का ग‍िरोह यहां से गुजर रहा है. उसे पकड़ने अपनी टीम के साथ इरादतगंज चौराहे पर पहुंचे. सूचना थी क‍ि नीबी गांव से हवाई पट्टी मार्ग होते हुए एक कार में सवार दो मोबाइल चोर, कई मोबाइल व लैपटॉप के साथ शहर की ओर जा रहे हैं.

पुलिस टीम इरादतगंज चौराहे पर पहुंचकर कार का इंतजार करने लगी. जैसे ही कार हवाई पट्टी की ओर से आती हुई द‍िखी, पुल‍िस ने उसे रोक ल‍िया. वह दोनों को थाना लाई और पूछताछ करने लगी. दोनों ने मोबाइल चोरी की बात कबूल कर ली. इस दौरान पुल‍िस ने कार से 17 महंगे मोबाइल, एक टैबलेट और 2 लैपटॉप बरामद क‍िए.

दोनों की पहचान शाहबान स‍िद्दीकी और राजू नामदेव के रूप में हुई.  पुल‍िस को दोनों ने बताया क‍ि वे वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार ल‍िखवाकर रौब गांठते थे. गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार ल‍िखा होने की वजह से उन्हें भागने में आसानी होती थी.

टीम ऐसी दिख रही थी जो सटीक पास से गोल करने के बेहतरीन मौके बना सकती है, इसी के बूते खिलाड़ियों ने तीन गोल जमा दिए. मौजूदा टीम में छेत्री एकमात्र खिलाड़ी हैं जो 2011 में खेलने वाली टीम का हिस्सा थे. वह एशियाई कप में भारत की ओर से सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए, इससे उन्होंने इंदर सिंह को पछाड़ा, जिन्होंने 1964 के चरण में दो गोल दागे थे, जिसमें भारत उपविजेता रहा था. अपने चौथे एशियाई कप में भाग ले रही भारतीय टीम की यह 11 मैचों में तीसरी जीत थी. देश ने इस्राइल में हुए 1964 चरण में दो मैच जीते थे और एक गंवाया था, जिसमें महज चार देशों ने शिरकत की थी.

इसके बाद टीम को 1984 में तीन मैचों में हार मिली थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा था। वहीं 2011 में टीम ग्रुप के सभी तीनों मैचों में हार गई थी. भारत ने जेजे लालपेखलुआ और बलवंत सिंह पर तरजीह देते हुए पुणे सिटी एफसी के 21 साल के खिलाड़ी आशिक कुरूनियन को शुरुआती एकादश में शामिल किया और इस खिलाड़ी ने बेहतर खेल भी दिखाया और वह छेत्री के बिल्कुल पीछे मौजूद रहे. उसने भारत को पेनल्टी भी दिलाई, आशिक का शॉट थाई गोलकीपर से डिफ्लेक्ट होकर डिफेंडर थीराथोन बुनमाथन के हाथ पर लगा और हांगकांग के रेफरी ने तुरंत भारत को स्पॉट दे दिया. छेत्री ने इसका पूरा फायदा उठाकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया.

थाईलैंड ने छठे मिनट के अदंर कप्तान और स्ट्राइकर डांग्डा की बदौलत बराबरी हासिल कर ली, जिन्होंने फ्री किक को दिशा देते हुए गुरप्रीत के सिर के ऊपर से सीधे नेट में पहुंचा दिया. थाईलैंड को 22वें और 25वें मिनट में गोल करने के दो बेहतरीन मौके मिले थे, पर वे इसका फायदा नहीं उठा सके. पहले हाफ में छेत्री ने भी दो शॉट लगाए, जिसमें से पहला 37वें मिनट में काफी करीबी रेंज का था, जिसे थाईलैंड के डिफेंडर ने रोक दिया था, जबकि पांच मिनट बाद दूसरा प्रयास वाइड चला गया. लेकिन दूसरे हाफ में एक मिनट बाद ही छेत्री ने विश्व स्तरीय गोल दागकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया.

विंगर उदांता सिंह ने बाईं ओर से भागते हुए तेजी से शानदार क्रॉस दिया जिसे बॉक्स के पास छेत्री ने भागते हुए लाजवाब तरीके से नेट में डाल दिया. भारत के तीसरे गोल ने दिखा दिया कि वे गेंद पास करने के मामले में कितने ज्यादा सुधरे हैं, जिसमें तीन खिलाड़ियों का योगदान रहा. हलीचरण नार्जरी ने उदांता को पास दिया और थापा ने डिफेंडरों को छकाते हुए इसे नेट में पहुंचा दिया. लालपेखलुआ ने मैदान में आने के दो मिनट बाद ही टीम के लिए चौथा गोल दाग दिया. फिर नार्जरी ने सटीक पास दिया और इस स्ट्राइकर ने बॉक्स के ऊपर से शॉट लगाकर थाईलैंड के गोलकीपर की इसे रोकने की उम्मीद तोड़ दी.

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