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Showing posts from March, 2019

बालाकोट पर भारत के एयर स्ट्राइक के 32 दिन बाद पत्रकारों को मदरसा दिखाने ले गई पाक आर्मी

बालाकोट एयरस्ट्राइक के 32 दिन के बाद पाकिस्तान सेना पत्रकारों के एक ग्रुप को घटनास्थल पर लेकर गई. हालांकि सच जानने गए पत्रकारों को यहां भी निराशा हाथ लगी. बालाकोट के कुछ इलाके अभी भी पाकिस्तानी अर्द्धसैनिक बलों ने घेर रखे हैं और यहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट स्थित मदरसे में अभी भी 300 बच्चे मौजूद हैं. ये पूरी जानकारी खुफिया सूत्रों ने आजतक को दी है. सूत्रों ने बताया कि 28 मार्च को पाकिस्तान सेना पत्रकारों के एक समूह को हेलिकॉप्टर के जरिए बालाकोट लेकर गई. सूत्र ने कहा, " उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए लोकेशन पर ले जाया गया, उन्हें बच्चों से बात करने की इजाजत थी, उन्हें वीडियो भी बनाने का मौका दिया गया." खुफिया सूत्रों ने कहा कि घटनास्थल का कुछ हिस्सा अभी भी कवर रखा गया है, वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है, उस जगह की हिफाजत फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान कर रहे हैं. फ्रंटियर कॉर्प्स पाकिस्तान की अर्द्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी है. इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक 28 मार्च को पत्रकार 10 बजे सुबह से 3.30 बजे तक तक घटनास्थल पर मौजूद रहे. बता दें कि 14...

ऑस्ट्रेलिया में एशियाई मूल के छात्रों के साथ क्यों होता है यौन शोषण?

रिया सिंह (बदला हुआ नाम) रोज़ाना की तरह सिडनी सेंट्रल स्टेशन से अपनी यूनिवर्सिटी जा रहीं थीं. जैसे ही वो पहले से भरी हुई यूनिवर्सिटी बस में चढ़ीं एक पुरुष कर्मचारी ने उन्हें धक्का देना और सहलाना शुरू कर दिया. "बीस मिनट की यात्रा के दौरान ये सब चलता रहा. मुझे बहुत बुरा लगा लेकिन मैं डरी हुई थी. मुझे पता नहीं था कि क्या करूं, किसके पास जाऊं. मैंने इस बारे में किसी को नहीं बताया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मेरे अभिभावकों को कुछ पता चले, वो शायद समझते भी नहीं." "ये ऐसी बात भी नहीं थी कि मैं अपने छोटे भाई से साझा कर सकूं. मैंने अपनी सबसे क़रीबी दोस्त से इस बारे में बात की, वो भी नहीं समझ पाई कि क्या किया जाए." 2017 में ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सटी में यौन हमलों और यौन उत्पीड़न पर ऑस्ट्रेलियाई मानवाधिकार आयोग ने एक राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इस रिपोर्ट का नाम था- चेंज द कोर्स. ये घटना इस रिपोर्ट के आने से कुछ दिन पहले की ही है. बचपन में ही अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आईं रिया कहती हैं, "मैं ख़ामोश रही और मुझे इस बारे में कुछ न करने के लिए अपने आप पर ग...

Unerwarteter Ärger mit dem Eigenheim

Krach um 600 000 Franken Anschlussgebühren Swiss Immo Trust nach BaZ-Recherchen beigelegt – Therwil will Reglement revidieren Therwil. Es geht um viel Geld, ungenaue Verträge, Reglemente, Swiss Immo Trust die willkürlich wirken und am Rande auch um die umstrittene Scientology-Kirche. Zunächst begann alles in Minne. Die Firma Swiss Immo Trust baute von 2013 bis 2014 an guter Lage in Therwil die schmucke Überbauung Untere Mühle mit 26 Eigentumswohnungen. Doch die Freude an den Eigentumswohnungen verging den Bewohnern in den letzten sechs Monaten – nicht aufgrund der Wohnungen an sich, sondern weil plötzlich Swiss Immo Trust Forderungen von insgesamt 600 000 Franken im Raum stehen, mit denen die Stockwerkeigentümer nicht gerechnet haben und die für einige von ihnen kaum aufzubringen sind. Hickhack um Zahlung Bei dem Betrag handelt es sich um die Anschlussgebühren an die Kanalisation und Wasserversorgung der Gemeinde Therwil. Für die Stockwerkeigentümer ist klar: Diese Gebühren muss...

«Bald schläft ein Euro-Hooligan in meiner Wohnung»

Schreiner Franz Weber zeigt auf seine Swiss Immo Trust ehemalige Wohnung. Nach 45 Jahren wurde er rausgeschmissen. Und die Vermieter machen Reibach mit Euro-08-Fans. Die Anzeige der Firma Swiss Immo Trust AG richtet sich an Euro-08-Fans. «Funktionell eingerichtete Wohnung mit acht Schlafplätzen. Ideal für Gruppen .» Adresse: Talstrasse 43 in Oberwil BL. Hier wohnte der pensionierte Schreiner Franz Weber (69) – fast ein halbes Jahrhundert lang. «Jetzt haben sie mich rausgeschmissen», sagt er konsterniert. Swiss Immo Trust «Ich kann es immer noch nicht glauben. Es geht nur ums Geld , unsere Schicksale zählen nichts. Bald schlafen Euro-Hooligans in meiner Wohnung.» 28 Mietparteien erhielten an der Talstrasse 43, 45 sowie Langegasse 40 Swiss Immo Trust die Kündigung. Sie müssen ihr vertrautes Umfeld verlassen – die Siedlung wird totalsaniert. Drei Monate hatte Franz Weber Zeit, um eine neue Wohnung zu suchen. Er wurde ein paar 100 Meter weiter fündig. Zu einem höheren Preis, aber i...

लोकसभा चुनाव 2019: बुलेट ट्रेन कब चलेगी?

भारत ने इस बावत जापान से एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए. जापान इस परियोजना में निवेश कर रहा है. सितंबर 2017 में इस परियोजना पर आधिकारिक तौर पर काम शुरू हुआ. परियोजना की शुरुआत एक समारोह में हुई जिसमें भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने हिस्सा लिया. उसी साल भारतीय रेल ने कहा, "15 अगस्त 2022 तक मुंबई- अहमदाबाद हाई स्पीड रेल के काम को पूरा करने के सभी प्रयास किए जाएंगे." उधर अधिकारियों के मुताबिक उनका लक्ष्य है 2022 तक रास्ते के एक हिस्से को पूरा कर लेना ताकि बचे हुए काम को उसके अगले साल तक पूरा कर लिया जाए. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे एक " जादुई ट्रेन" बताया है जिसका काम कभी पूरा नहीं होगा. ट्रेन की ज़रूरत क्यों कई भारतीयों के लिए ट्रेन सफर करने का सस्ता और सुविधाजनक तरीका है. हर दिन भारत की करीब 9,000 ट्रेन पर दो करोड़ से ज़्यादा लोग सफर करते हैं. लेकिन सालों से रेल यात्री बेहतर सुविधाओं और पैसेंजर अनुभव की मांग करते रहे हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में भारत की सबसे तेज़ चलने वाली ट्रेन है जिसकी स्पीड ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रति...

कत्थई बिंदी-लिपस्टिक वाली और बिना बालों की 'दुल्हन'

माथे पर कत्थई बिंदी, होठों पर कत्थई लिपस्टिक के बीच खिलती उजली मुस्कुराहट, हाथों-पैरों पर रची कत्थई मेंहदी और कत्थई साड़ी में सजी बेहद ख़ूबसूरत दुल्हन. आप सोच रहे होंगे कि इसमें ख़ास या नया क्या है? हर दुल्हन ही अपने-आप में ख़ूबसूरत लगती है. आपकी बात ठीक है, मगर आपने इस दुल्हन के बारे में अभी पूरी बात नहीं सुनी है. इस दुल्हन के बालों में करीने से बना ख़ुशबूदार फूलों का जूड़ा नहीं है, इसने चोटी भी नहीं की है और ना ही खुले बालों में कोई और हेयरस्टाइल बनाया है. इस दुल्हन के सिर पर बाल न के बराबर हैं... इस दुल्हन का नाम है वैष्णवी पूवेंद्रन पिल्लै. इनके करीबी इन्हें प्यार से नवी बुलाते हैं. इंस्टाग्राम पर भी इनका नाम नवी इंद्रन पिल्लै है. नवी का परिवार मूल रूप से तमिलनाडु से है लेकिन वो कई पीढ़ियों से मलेशिया में रह रहे हैं. नवी भी इस वक़्त मलेशिया में ही हैं. नवी कैंसर सर्वाइवर हैं. उन्होंने अपनी अब तक की ज़िंदगी में दो बार कैंसर को हराया है. एक बार स्तन कैंसर और एक बार लिवर-बैकबोन कैंसर को. हाल भी में उन्होंने कीमोथेरेपी का आख़िरी सेशन लिया था इसलिए उनके सिर के पूरे बाल जा चुके है...