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Showing posts from February, 2019

汉字改音“将错就错” 网友称难被说服

说(shuì)服变为说(shuō)服 ,一骑 (jì)红尘变为一骑(qí)红尘……近日,一篇有关汉字改音的文章在中国持续引发热议。 这篇题为《注意!这些字词的拼音被改了》的社交媒体帖文称,中国有关部门在字典中修改了部分汉字词语的普通话读音, 包括把很多常见词的发音“将错就错”, 改为大多数人都读错的用法。 该帖文迅速成为微博的热门话题,很多网友质疑这将导致发音混乱,称“我可能上了个假学”。中国教育部下属部门则回应称, 目前读音的修改计划尚未通过审议 ,暂应以原读音为准。 如同英语中同一个单词偶尔也会出现不同读法一样,汉语普通话中围绕同一个汉字出现不同 读音的争议由来已久。有时候, 甚至能引发一场抗议或官司…… 错音“转正”? 在引发讨论的贴文中,作者列举了多处词语和诗词中单字的读音修改。例如,唐代诗人杜牧 描写秋天山林景色的名句“远上寒 山石径斜”的“斜”,从拼音xiá(音“侠”)改为xié(音“协”)。 在另一个案例中,更为常用的词语“说服”中“说”字的读音 ,被从shuì(音“睡”)改为常见读法 shuō。 很多网友对读音的修改表达不满。有网友认为,不能因为读错一个词的人多了,就随大流。 “为什么文化要给文 盲让步?这也能少数服从多数? ”一名网友说。 还有微博网友留言称,“汉字古诗一直讲究押韵,现在被改的不伦不类,当时的作者要知道了怕是要气炸。” 教育学者熊丙奇对BBC中文说, 修改已经确定的读音会增加成本、焦虑,以及更不规范使用的情形。 据中国媒体《北京日报》报道,网上热议的很多词语实际来自2016年的《普通话异读词审音表(修订稿)》, 而这份修订稿在三年后,仍未正式发布。 中国教育部下属的语言文字应用研究所回应中国媒体称,由于改后的审音表尚未通过审议,还应以原读音为准。 不同音引发的矛盾 尽管此次热议的改音可能是虚惊一场, 但普通话汉字因为不同音产生的分歧并非新鲜事,有时候甚至引发争执。 2016年,中国中央电视台的播音员郭志坚在招牌新闻节目《新闻联播》节目中,将安徽省城市六安中的“六” 按照常见读法读成“liù”。他随后在微博称, 《现代汉语词典》中,只有“liù”这一个音。 郭志坚的言论引发了很多网友的不满,因为在当地,六安的“六”一直读作“lù”。有六安本地网友称,“六安读lu是省政府同意的...

आज भारत पहुंचेंगे सऊदी प्रिंस, PAK प्रायोजित आतंकवाद पर होगी बात?

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान आज दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं. ऐसे समय में जब भारत में हाल ही में बड़ा आतंकी हमला हुआ है, ऐसे में सऊदी प्रिंस का दौरा काफी अहम है. क्योंकि भारत आने से पहले वह पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं और सीधा वहां से ही यहां पहुंच रहे हैं. इस द्विपक्षीय वार्ता में भारत सऊदी प्रिंस के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठा सकता है. सऊदी प्रिंस दो दिन के लिए भारत में रहेंगे, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इसी बातचीत के दौरान भारत उनके सामने पाकिस्तान के द्वारा हिंदुस्तान की जमीन पर फैलाए जा रहे आतंकवाद का मुद्दा उठा सकता है. जिसका ताजा सबूत पुलवामा में हुआ आतंकी हमला है, जिसे जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया. इसके अलावा भी दोनों देशों में रक्षा क्षेत्र, ज्वाइंट नेवल एक्सरसाइज, व्यापार के क्षेत्र में कई समझौते होने हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के अलावा क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से भी मिलेंगे. आपको बता दें कि सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत से प...

रोड शो के बाद क्या यूपी पर बदल गए राहुल के सुर?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को महासचिव नियुक्त की गई प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेगा रोड शो किया. रोड शो के दौरान लोग उम्मीद कर रहे थे कि प्रियंका गांधी भाषण देकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेंगी, लेकिन उन्होंने खुद को रोड शो तक ही सीमित रखा. राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि उन्होंने प्रियंका और ज्योतिरादित्य को उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी तो दी ही है, लेकिन उनका लक्ष्य प्रदेश के अगले विधानसभा चुनावों में पार्टी की सरकार बनवाना है. यूपी में सपा-बसपा गठबंधन पर राहुल साफ शब्दों में कुछ भी बोलने से बचे. उन्होंने कहा कि यहां गठबंधन भी लड़ रहा है. मैं मायावती और अखिलेश का आदर करता हूं. लेकिन प्रदेश में कांग्रेस पूरे दम से लड़ेगी, यूपी बदलने के लिए लड़ेगी. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी फ्रंट फुट पर लड़ेगी. राहुल गांधी के भाषण में कहीं भी ये नहीं झलका कि वो सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन में शामिल होने के उतावले हैं. हालाँकि कुछ समय पहले तक के उनके बयान...

राजा-रानियों के यौन संबंधों पर बात करने लगी हैं फ़िल्में

हॉलीवु़ड फ़िल्म 'द फेवरेट' साल 2018 की सबसे चर्चित फ़िल्म कही जा रही है. 'द फ़ेवरेट' इस बार कई अवार्ड की रेस में शामिल की गई है. इस फ़िल्म को दस कैटेगरी में ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया है. वहीं बाफ़्टा अवार्ड की 12 कैटेगरी के लिए 'द फ़ेवरेट' को नामांकन मिले हैं . गोल्डेन ग्लोब अवार्ड तो इस फ़िल्म ने जीत ही लिए हैं. 'द फ़ेवरेट' फ़िल्म में अपने रोल के लिए गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार विजेता और ऑस्कर अवार्ड के लिए नामांकित अभिनेत्री ओलिविया कोलमैन ने बीबीसी को बताया कि, " ' द फ़ेवरेट' ने ऐतिहासिक फिल्मों को नई ज़िंदगी दी है. इस फ़िल्म को देखते हुए आप उस दौर में जीने का एहसास कर सकते हैं." ओलिविया कोलमैन ने 'द फ़ेवरेट' फ़िल्म में ब्रितानी महारानी एन का किरदार निभाया है. इस फ़िल्म में महारानी एन और डचेज़ ऑफ़ मार्लबोरो सारा के बीच मोहब्बत के रिश्ते को दिखाया गया है. मज़े की बात ये है कि 2018 में ऐसी कई फ़िल्में बड़े पर्दे पर आईं , जो ऐतिहासिक किरदारों और कहानियों पर आधारित थीं. इन सब में 'द फ़ेवरेट' ने बाज़ी मार ली. ...

कोलकाता 'संग्राम' LIVE: ममता बनर्जी बनाम CBI-धरने पर सीएम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर 'राजनीतिक बदले की भावना से काम करने' का आरोप लगाते हुए रविवार रात से कोलकाता में धरना शुरू कर दिया है. ममता बनर्जी कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर सीबीआई की टीम पहुंचने के विरोध में धरना दे रहीं हैं. सीबीआई के मुताबिक ये टीम राजीव कुमार से शारदा चिटफंड घोटाले की जांच को लेकर पूछताछ करने गई थी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को बजट पेश होना है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो धरना स्थल से ही फ़ोन के ज़रिए बजट सत्र से जुड़ी रहेंगी. भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी पर 'भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए जांच में बाधा डालने' का आरोप लगाया है. केंद्रीय राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. वहीं, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ममता बनर्जी को समर्थन दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वो ममता बनर्जी के साथ 'कंधे से कंधा मिलाकर...

5 लाख से ज्यादा कमाने वालों को नहीं मिली टैक्स में कोई नई छूट

मोदी सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में आयकर छूट ( income tax) की सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. लोकसभा चुनाव से पहले सवर्ण आरक्षण के बाद यह मोदी सरकार का दूसरा सबसे बड़ा दांव है. हालांकि, 5 लाख से ज्यादा आय वाले लोगों को इससे फायदा नहीं होगा क्योंकि सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. पांच लाख से ज्यादा आय वाले लोगों को टैक्स राहत पर पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्ण बजट में इसपर फैसला हो सकेगा. दरअसल नए ऐलान के अनुसार नौकरी-पेशा लोगों के लिए राहत का ऐलान हुआ. इसमें 5 लाख रुपये तक की कमाई वाले लोग टैक्स फ्री होंगे. टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है यानी कि 5 लाख से ज्यादा कमाई वाले लोगों के लिए अब भी राहत ढाई लाख तक की ही हैं. लेकिन जिनकी आय 5 लाख से नीचे है उनके लिए राहत 5 लाख तक है. वर्तमान स्लैब के अनुसार ढाई से 5 तक लाख रुपये तक की कमाई पर 5 फीसदी आयकर देना पड़ता था. ये नियम 5 लाख से ज्यादा कमाई वालों के लिए जारी रहेगा. यानी जिनकी आमदनी 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें पुराने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना ही पड़ेगा. कितना बचेगा? नए ऐलान से पहले ...